1. गरमी के मवसम सुरु हो गइल बा। आग से खेलवाड़ बिलकुल मत करीं। गरमी में जगहि-जगहि गांवन में आगि लागेला। त सावधान रहले के ताक बा। आग लगले पर दमकल विभाग के भी फोन जरूर करीं अउर पलानी-ओलानी की आस-पास में आगि-ओगी फेंकले से बचीं। आज गौरीबाजार की बंसहिया गांव में आगि लगले से 3गो मवेसी झुलसि गइल बाने सन.....कपड़ा-लत्ता भी। जेकर घर जरल बा, ओकर कहनाम बा की केहू रंजिस बस जानि-बूझी के आग लगा देले रहल ह...देखीं दुस्मनी की चलते भी एइसन काम महापाप होला...महाभारत में देखीं...सांप करन से कहलसि की हमके तीरे पर चढ़ा के अरजुन की लगे भेजि द...हम उनके दंसि देइब...लेकिन करन एंगा ना कइलस...भीतरघात कबो ना करे के चाहीं...भले दुसम्ने काहें ना होखे....ना त भगवान कबो माफ ना करिहें। दुस्मन के नीचा देखावे के बा...मनई के गुन ह, त समय परले पर ओकर मदद क दीं....ओकर नजर अपनी आपे झुकी जाई....जय-जय। 2. सरकारी सामानन की चोरी से बचले के ताक बा। सरकार, अधिकारी लोग रउरिए बिकास खातिर काम करावता लोग, त मदद करीं न कि कहीं सड़कि आदि बने खातिर इंटा, गिट्टी, बालू धइल होखे, त ओ के उठा ले जाईं। काहें की आज एही तरे के एगो सम...
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